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सीमा व सीमांत

सीमा व सीमांत 

सीमाओं व सीमांत का सर्वप्रथम अध्ययन रेटजेल ने किया था. रेटजेल ने सीमाओं की तुलना किसी जीव की त्वचा से की अर्थात् किसी राज्य या प्रदेश की सुरक्षा सीमाएँ करती है.
सीमाओं का आनुवांशिक वर्गीकरण हॉर्टशोर्न ने किया था।
जॉन्श 1945 की पुस्तक "Boundary making A hand Book for Statesman" में सीमाओं के निर्धारण का अध्ययन प्रस्तुत किया गया.
सीमा Boundaries  शब्द अग्रेंजी के Bound  से बना है इसका अर्थ बाँधना या सीमित करना होता है.
सीमांत-
सीमांत शब्द का अर्थ एक निश्चित रेखा के लिए नही होता है, आर्थात् एक विशेष क्षेत्र के लिए प्रयुक्त किया जाता है इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे अग्र प्रदेश तटस्थ क्षेत्र मानव रक्षित क्षेत्र, सक्रांति प्रदेश आदि.
                              सीमा व सीमांत में अतंर 
     सीमा                   सीमांत
1. ये रेखात्मक प्रकृति की होती है-           1.  ये क्षेत्रीय प्रकृति का होता है.
2. ये कृत्रिम होती है.                            2.  ये प्राकृतिक होती है।
3. ये केंद्रमुखी (केन्द्र की और) बलों       3. सीमांत केन्द्र प्रसारित बलों का प्रतिनिधित्व करते  है
बलो का प्रतिनिधित्व करते  है
4. ये पड़ोसी देशों के साथ सपंर्क  सुत्र        4. ये पड़ोसी देशों क्षेत्रों को नजदीक लाते है।
बाधित करती है.
5. ये वर्तमान व्यवस्था होती है.            5. ये अतीत का परिचायक होती है।

सीमा और सीमांत का विकास

बर्घिम महोदय ने सन 1947 में सीमाओं के विकास के तीन सोपान अवस्था बताये.
आदिम
सक्रांति
आदर्श
प्रो. जॉन्श ने सीमा विकास की तीन अवस्था सोपान बताये.
1. निश्चय- सर्वप्रथम सीमांत प्रदेश में सीमा निश्चित करने के लिए अनेक भौगोलिक व सास्कृतिक तत्वों को ध्यान में रखा जाता है.
2. निर्धारण- ये सीमा की अत्यधिक महत्वपूर्ण अवस्था है क्योकि इसी को लेकर ही कालांतर में अनेक विवाद होते है।
3. अंकन- सीमा का वास्तविक रुप में अंकन करना अर्थात् सीमा को स्तम्भ लगाकर या कांटेदार तार लगाकर अंकन किया जाता है.

सीमाओं का वर्गीकरण- सीमाओं का वर्गीकरण मूल रुप से दों प्रकार से किया गया है.
1 रचना संबंधी वर्गीकरण
2 आनुवांशिक संबंधी वर्गीकरण

1 रचना संबंधी वर्गीकरण- रचनाओं के आधार पर सीमाओं को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है.
     (A) भू आकारिकी सीमा- इसके अंतर्गत पर्वत, पठार, नदी, झील, आदि के द्वारा निर्धारण किया जाता है.

  (a) पर्वतीय सीमा- अराकानयोमा पर्वत→ भारत़म्यांमार
  पिरेनीज पर्वत→ भारत़म्यांमार

  (b) नदी सीमा- जाम्बेजी नदी→ जिम्बावे + जाम्बीय
      रियोग्रांडे नदी→ USA मैक्सिको
जार्डन नदी→ ईजराइल + जॉर्डन
   (c) झील सीमा- कांन्सटैस झील→ जर्मनी + ऑस्ट्रीया + स्वीटजरलैण्ड
टीटीकाका झील→ पीरु + बोलवीया

(B)  ज्यामितिय सीमा-
  (a)  देशांतर के सहारे उत्तर से दक्षिण सीमा जैसे अलास्का व कनाडा (1410 डिग्री पश्चिमी देशांतर)
  (b)  अक्षांश के सहारे पूर्व से पश्चिम सीमा जैसे यु. एस. ए, कनाडा (490 डिग्री उत्तरी अक्षांश)
उत्तरी कोरिया - दक्षिण कोरिया 380 डिग्री उत्तरी अक्षांश
          (c) प्रजातीय भौगोलिक सीमा- जिन सीमाओं का निर्धारण जाति लिंग व धर्म के आधार पर होता है वो प्रजातीय सीमाओं के अतर्गगत आते है. जैसे भारत व पाकिस्तान ईजराइल व अरब

2 आनुवांशिक संबंधी वर्गीकरण-
(A) पूर्ववती सीमा- जिस सीमा का विकास सास्कृतिक वातारण के विकास के पहले हो चुका हो, इसे प्राथमिक सीमा भी कहते है.
(B) परवर्ती सीमा- इस सीमा का निर्धारण विकास सास्कृतिक वातावरण के विकास के पश्चात् होता है.
(C) अध्यारोपित सीमा- इसका विकास सास्कृतिक वातावरण के पश्चात् होता है लेकिन इसकी समानता परवर्ती सीमा के समान नही होती है, इसमें सीमाओं को जबरन अध्यारोपित किया जाता है, जैसे-उत्तरी कोरिया व दक्षिणी उत्तरी वियतनाम दक्षिणी वियतनाम
(D) रुस व जर्मनी

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