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आधुनिक भूगोल का शास्त्रीय काल

                                       आधुनिक भूगोल का शास्त्रीय काल

आधुनिक भूगोल के विकास के नीव हम्बोलट व रिटर ने रखी अत इनको आधुनिक भूगोल का संस्थापक कहा जाता है।  इस काल में अनेक भूगोलवेत्ताओं का उदय हुआ। लेकिन मुख्य रुप से तीन भूगोलवेत्ताओं का योगदान उल्लेखनीय रखा है। भौगोलिक विचारधाओं का विकास
(1) अलेक्जेण्डर वॉन हम्बोलट (Alexander von Humboldt 1769-1859)
इनका संबध प्रशिया (जर्मनी) से था।
क्रमबद्ध भूगोल लिखा।
सर्वप्रथम कालमापी का प्रयोग किया
हम्बोलट के ग्रंथ-
          1. राईनलैड बेसाल्ट 1789
          2. प्रकुति दिग्दर्शन  (Views of Nature)1847
          3. मध्य एशिया (Asia Cntrale)  में लिखी यह दो खंडों में 1829
          4. कॉसमॉस (Kosmos) 5 खंडों में
          5. भूमध्य रेखीय प्रदेशों का वर्णन 1815-1820 इसमें दो पुस्तके है
                प्रथम पुस्तक- एफोरिज्म ऑन द केमिकल 1793
                दुसरी पुस्तक- नये महाद्वीप के विषुवत रेखीय प्रदेशों की यात्रा 1799
                यह पुस्तक दक्षिण अमेरिका की यात्रा के दौरान लिखी।
 जियोअग्निया शब्द का प्रयोग किया।
One spirit one life  की संकल्पना दी।
Unity in Mutiplicity की संकल्पना
समताप रेखा (Isotherm) व हिमावरित (Permafrost) शब्दावली का सर्वप्रथम प्रयोग किया।
मध्य एशिया में यूराल पर्वतीय प्रदेशों के खनिजों का वर्णन किया।
हम्बोल्ट को आधुनिक भूगोल का जनक कहा जाता है।
हम्बोल्ट निश्चयवादी विचारधारा का समर्थक था।

(2) कार्ल रिटर (Carl Ritter) 1779-1859
        इनका संबध जर्मनी से था।
       रिटर के ग्रंथ-
           1. अर्डकुण्डे (Erdkunde)  19 खंड 1817
                प्रथम खंड- अफ्रीका
               द्वितीय खंड- एशिया
          2.  यूरोप का भौगोलिक ऐतिहासिक तथा सांख्यिकीय चित्रण 1804
               (Europe:A Geographical, Historcal and Statistical Painting) 1804
          3.  यूरोप की प्राकृतिक संसाधनों के 6 मानचित्र 1806
          4. काला सागर व कैस्पियन सागर के मध्यवर्ती प्रदेशों का मानव स्थानान्तरण
रिटर एक ईश्वरवादी विचारक था।
रिटर ने प्रादेशिक अघ्ययन के लिए लैण्डरकुण्डे (Land Kunde) शब्द का प्रयोग किया जिसका अर्थ प्राकृतिक प्रदेश होता है।

(3) फ्रेडरिक रेटजेल (Freidrich Ratzel)1844-1904
        इनका संबध जर्मनी से था।
मानव भूगोल व राजनीतिक भूगोल का जनक कहा जाता है।
प्रमुख पुस्तक
           1. वोल्करकुण्डे (Volkerkunde) 3 खंडों में
            अग्रेजी अनुवाद- (The History of Mankind)
           2. एन्थ्रोपोज्यॉग्राफी (Anthropogeographie) 2 खंडों में
            प्रथम खंड- ऐतिहासिक अध्ययन में भौगोलिक सिद्धांतो का प्रयोग 1882
                (An Introducation to the Application of Geography to History) 1882
                द्वितीय खंड- (The Geographical Distribution of Mankind)1882
           3.   Politiscahe Geographie Political Geography 1897
           Note- इस पुस्तक में रेटजेल ने राज्य की तुलना जीव से की।
 जर्मनी का प्रादेशिक भूगोल (इवायश्चलैण्ड)
रेटजेल निश्चयवादी विचारधारा  का समर्थक था।
लेबेन्सरोम  की संकल्पना (Concept of Lebensraum) प्रस्तुत की जैविक स्थान (Living Space)
रेटजेल ने जर्मनी पर लिखी गई अपनी पुस्तक (Deutschland) में सास्कृतिक दृश्यभूमि की संकल्पना को सर्वप्रथम स्पष्ट किया इसके लिए ऐतिहासिक दृश्यभूमि शब्द का प्रयोग किया।

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