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ब्रिटिश भूगोलवेत्ता British geographers

           ब्रिटिश भौगोलिक विचारधाराएँ

16वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ब्रिटेन में भौगोलिक खोजों में धीरे-धीरे तेजी आने लगी, तथा सत्रहवी शताब्दी से  अठारहवी शताब्दी में अपने चर्म अवस्था पर थी। उन्नसवीं शताब्दी में ब्रिटेन में भूगोल को वैज्ञानिक स्वरुप प्राप्त हुआ। साल 1830 में ब्रिटेन में रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी की स्थापना के साथ धीर-धीरे वैज्ञानिक कार्य प्रारम्भ होने लगे। मैकोनोची को रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी का प्रथम सचिव नियुक्त किया गया।

(1) हालफोर्ड जॉन मेकिण्डर (H.J Mackinder1861-1947)

ब्रिटिश में भूगोल सम्प्रदाय का संस्थापक
मेकिण्डर ने रेटजेल की पुस्तक एन्थ्रोफोज्योग्राफी का अनुसरण करते हुए कहा की मानव भूगोलवेत्ता ही पूर्ण भूगोलवेत्ता है।
प्रमुख पुस्तक-
   1. ब्रिटेन व ब्रिटेन सागर (Britain and British Seas 1902)
   2. इतिहास की भौगोलिक धुरी (Geographical Pivot of History 1904)
   इस पुस्तक में मैकेण्डर ने कहा कि वर्तमान समय में सभी युद्ध का समापन हो गया है एंव भविष्य में थल शक्ति ही निर्णायक होगी।
   3. प्रजातांत्रिक आदर्श एवं यथार्थता (Democratic Ideals and Reality 1919)

मैकेण्डर का सामरिक सुत्र-
        जो पूर्वी यूरोप पर शासन करता है,
       वह हृदय क्षेत्र को नियंत्रण करता है,
       जो हृदय क्षेत्र पर शासन करता है,
       वह विश्व द्वीप पर शासन करता है,
       वह विश्व पर नियंत्रण रखता है,

 हृदय स्थल- 
      1919 में मैकिण्डर ने हृदय स्थल में डेन्यूब क्षेत्र एशिया माईनर तिब्बत, मंगोलिया आदि क्षेत्रों को शामिल किया।
Note-  मैकिण्डर के अनुसार हृदय स्थल एक ऐसा था जहाँ जल शक्ति का प्रवेश असंभव था। मैकिण्डर ने अपने विश्व द्वीप में एशिया अफ्रीका व यूरोप को शामिल किया था। 1943 में मैकिण्डर ने विश्व सामरीमता पर एक पत्र 'द राउण्ड वर्ल्ड एंड विनींग ऑफ पीस' लिखा। इस प्रपत्र में मैकिण्डर ने लीनालैण्ड क्षेत्र को हृदय स्थल से बाहर कर दिया।
Note- इस प्रपत्र में मैकिण्डर ने साथ में मिडलैण्ड शब्द का प्रयोग किया

मध्य बेसीन मिडलैण्ड बेसिन-
इसके अंतर्गत उत्तरी अटलांटिक, पूर्वी USA एंव पश्चिमी यूरोप को शामिल किया।
नोट- मैकिण्डर के हृदय स्थल को स्वाईकमेन ने अपनी पुस्तक द ज्योग्राफी ऑफ द वीस में रिमलैण्ड थ्योरी की।

(2)  एण्ड्रयू जॉन हरबर्टसन (AJ Herbertsan 1865-1915)

विश्व के प्राकृतिक प्रदेशों को 15 भागों में विभाजित किया।
प्रमुख पुस्तके-
    1. Man His Work 1911
    2. Major Natural Regions 1905

(3) शॉर्ले व हेगेट

     हेगेट की पुस्तक
1. Locational  Analysis in human Geography  1965
2. Geography A Modern Synthesis 1975

(4) र्चोले व हेगेट की पुस्तके-
      1. Models in Geography 1967
  2. Frontiers in Geographical Teaching
      3. Socio- Economic Models in Geography 1968

(5) सर लोरेस डडले स्टेम्प (Sir D. Stamp 1898-1966)
ब्रिटिश में भूगोल के क्षेत्र में इनके द्वारा बड़ा योगदान दिये जाने के कारण ब्रिटेन सरकार ने इन्हे सर की उपाधि प्रदान की।
प्रमुख पुस्तक-
     1. संसार का सामान्य भूगोल
  2. वाणिज्य भूगोल (Handbook of Commercial Geography)
     3. जीवन एंव मृत्यु का भूगोल (Geography of Life and Death)
     4. चिकित्सा भूगोल के कुछ पहलू (Some Aspect of Medical Geography)
     5. व्यवहारिक भूगोल (Applied Geography)
  6. ब्रिटेन की भूमि उपयोग एंव दुरुपयोग (The Land of Britain Use and Misuse)
     7. भूगोल का शब्दकोष (Dictionary of Geography)


(6) एस डब्लयु वूलरिज (S.W Woolrige 1900-1963)


नव-निश्चयवाद का समर्थक किया।
प्रमुख पुस्तक-
     1. भूगोल बतौर वैज्ञानिक ( Geographer as scientist 1956)

(7) पी.एम रॉक्सबी (1880-1947)

पुस्तके-
     1. चीन की रुपरेखा
रॉक्सबी ने मानव भूगोल को चार भागों में बांटा।
         1. जनजातिय भूगोल
  2. सामिजक भूगोल
        3. आर्थिक भूगोल
4.राजनैतिक भूगोल



link भौगोलिक विचारधाओं का विकास
link आधुनिक भूगोल का शास्त्रीय काल
link अरब भूगोलवेत्ता Arab Geographers
link फ्रांस के भूगोलवेत्ता french geographer

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